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Women’s Empowerment

Social Service

महासंघ के प्रमुख संगठन
महासंघ के अंतर्गत पाँच प्रमुख संगठन कार्यरत हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में अपना योगदान दे रहे हैं—
- सनातन हिंदू आर्मी
- असम और पूर्वोत्तर भारत में विशेष रूप से सक्रिय।
- गौ रक्षा, हिंदू समाज की सुरक्षा और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका।
- गौ-हत्या रोकने, मंदिरों की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण में सहयोग।
- हिंदू युवाओं को समाज और धर्म की रक्षा हेतु संगठित करना।
- चंडी वाहिनी
- महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कार्यरत।
- आत्मरक्षा प्रशिक्षण, शिक्षा, स्वरोजगार और कानूनी सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
- धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान।
- महिलाओं के लिए धार्मिक व सामाजिक उत्थान कार्यक्रम।
- वाल्मीकि हिंदू एक्टिव फोर्स
- हिंदू युवाओं को संगठित करने, सामाजिक सेवा और धार्मिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
- युवाओं को धर्म और संस्कृति से जोड़ने, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के प्रति जागरूक करने का कार्य करता है।
- सामाजिक कल्याण, आपदा राहत, धार्मिक यात्राओं के आयोजन में सक्रिय भूमिका।
- हिंदू समाज में एकता और संगठन को बढ़ावा देने हेतु कार्यरत।
- सनातन शरण आश्रम
- धर्म, साधना और समाज सेवा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित।
- गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों को आश्रय, भोजन और शिक्षा प्रदान करता है।
- धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन, आध्यात्मिक साधना और वेदांत प्रचार भी आश्रम के प्रमुख कार्यों में शामिल हैं।
- वृद्ध, विधवा महिलाओं, अनाथ बच्चों के लिए आश्रय और पुनर्वास कार्यक्रम।
- गौ रक्षक संगठन
- गौ माता की रक्षा और उनके कल्याण के लिए समर्पित।
- गौ-हत्या रोकने, गौशालाओं का संचालन, बेसहारा गायों को आश्रय और चिकित्सा सुविधाएँ प्रदान करने का कार्य।
- गौ-उत्पादों (गौबर, गोमूत्र) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्यरत।
- हिंदू संस्कृति में गौ माता के महत्व को जागरूकता के माध्यम से प्रचारित करना।
अन्य सामाजिक सेवाएँ
- कौशल विकास कार्यक्रम: युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- गरीब एवं असहाय हिंदुओं की सहायता: शिक्षा, भोजन, चिकित्सा और रोजगार में सहायता।
- धार्मिक स्थलों का संरक्षण: मंदिरों और तीर्थ स्थलों का जीर्णोद्धार।
- हिंदू समाज के अधिकारों की रक्षा: कानूनी सहायता और सामाजिक जागरूकता अभियान।
- हिंदू संस्कृति और परंपराओं का प्रचार: विशेष शिविर, प्रवचन और धार्मिक आयोजन।
- आपदा राहत कार्य: प्राकृतिक आपदाओं के समय पीड़ितों को सहायता प्रदान करना।


पर्यावरण संरक्षण संगठन
महासंघ का पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान है। संगठन का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। इसके अंतर्गत विभिन्न पहलुओं पर कार्य किया जाता है:
- वृक्षारोपण अभियान: प्रदूषण को कम करने और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जाते हैं। यह अभियान न केवल पर्यावरण को लाभ पहुंचाता है, बल्कि समुदायों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी फैलाता है।
- जल संरक्षण: जल संकट को देखते हुए, महासंघ जल संरक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिसमें वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
- सतत विकास: संगठन स्थिर और सतत विकास को प्रोत्साहित करता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, पर्यावरण मित्र प्रौद्योगिकी और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया जाता है। यह पहल समाज में पर्यावरणीय बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होती है।
- पर्यावरणीय शिक्षा: समुदायों में पर्यावरण के महत्व को समझाने और उनकी भूमिका को स्पष्ट करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और शिबिर आयोजित किए जाते हैं।
- कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण: कचरे का उचित निपटान और पुनर्चक्रण के माध्यम से महासंघ पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के लिए सक्रिय कार्य करता है।
Meet Our Leaders

- मनोज सिंह
पद: राष्ट्रीय अध्यक्ष

- स्वामिश्री जमदग्नि महाराज
पद: मार्गदर्शक
- परशुराम गिरि जी
पद: महासचिव